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बिहार में संगठन मजबूत करने की तैयारी, 4 अप्रैल को राहुल गांधी लेंगे जिला अध्यक्षों की बैठक

हक़ीकत न्यूज़ डेस्क, पटना, बिहार : कांग्रेस पार्टी ने चुनाव के दौरान टिकट बांटने की प्रक्रिया को लेकर नई रणनीति बनाई है, जिससे इस प्रक्रिया में पावर का विकेंद्रीकरण हो. टिकट वितरण में डीसीसी को भूमिका बढ़ेगी. जिला स्तर पर पार्टी को मजबूत किया जाएगा. क्या है राहुल गांधी का जिला अध्यक्षों को सियासी ताकत देने का प्लान? क्या इस बदलाव से बिहार में कांग्रेस की स्थिति बदलेगी?दरअसल, बिहार विधानसभा का चुनाव इसी साल होना है. विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने में जुट गई है. यही कारण है कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए जिला कमिटी के गठन में जुट गई है. जिला कमिटी की अनुशंसा के बाद ही विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगासंगठन को किस तरीके से मजबूत किया जा रहा है. इस मामले पर बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी सुशील पासी ने ईटीवी भारत से खास बातचीत. सुशील पासी ने बताया कि बिहार में कांग्रेस के स्वरुप बदलने की तैयारी चल रही है. DCC यानी जिला कांग्रेस कमिटी के गठन पर काम चल रहा है.ईटीवी भारत का सवाल – बिहार में इसी वर्ष विधानसभा का चुनाव होना है. पार्टी में चुनाव लड़ने को लेकर दावेदारी भी शुरू हो गई है. टिकट चयन को लेकर क्या प्रक्रिया बनाई गई है. पहले कांग्रेस में प्रत्याशियों का चयन आला कमान स्तर से हो जाता था. नीचे के कार्यकर्ताओं को पता भी नहीं चल पाता था. अब कांग्रेस जिला स्तर तक की कमेटी तक पावर का डिस्ट्रीब्यूशन कर रही है. प्रत्याशियों के चयन में जिला अध्यक्षों की क्या भूमिका होगी?सुशील पासी का जवाब – अभी विधानसभा के चुनाव में देरी है. अभी प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया नहीं शुरू हुई है. अभी पार्टी अपने संगठन के निर्माण में लगी हुई है. जब भी प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी, तब संगठन के माध्यम से ही प्रत्याशियों के चयन किए जाएंगे. इसमें जिला अध्यक्ष एवं जिला कमेटी महत्वपूर्ण इकाई होगी.यही कारण है कि आगामी चार अप्रैल को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में बिहार एवं उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है. खुद राहुल गांधी जिला अध्यक्षों के साथ वार्ता करेंगे. प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया इस बार संगठन से होकर ही गुजरेगी. इसके अलावा भी चयन प्रक्रिया को लेकर जो कमेटी बनाई जाएगी उसके माध्यम से ही प्रत्याशियों का चयन होगा.मेरा मानना है कि प्रत्याशियों के लोकप्रियता का पैमाना, पार्टी के प्रति उनका समर्पण, सबकुछ देखा जाएगा. इसी प्रक्रिया के तहत आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, अपने प्रत्याशियों का चयन करेगी. फिलहाल अभी प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया नहीं चल रही है. अभी संगठन को कैसे मजबूत किया जाए उसपर काम चल रहा है.ईटीवी भारत का सवाल – बिहार में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेवारी आप लोगों को दी गई है. जिला स्तर तक कमेटी को मजबूत करने का टास्क दिया गया है. क्या है पूरी तैयारी?सुशील पासी का जवाब – बिहार, कांग्रेस की धरती है. लोगों के बीच कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए, बिहार की आवाज को सुनने और समझने के लिए, जनता की बात को कांग्रेस तक पहुंचाने और सामंजस्य स्थापित करने के लिए पार्टी के सभी नेता जिला और प्रखंड स्तर तक घूम रहे हैं. इसी के तहत जिला एवं प्रखंड का संगठन बूथ स्तर तक का संगठन का गठन हो रहा है.2025 का वर्ष पूरे देश में कांग्रेस के लिए चुनौतियां का वर्ष है. पार्टी में टॉप टू बॉटम संगठन का सृजन अभियान चल रहा है. उसी कड़ी में बिहार में भी संगठन के सृजन का अभियान चल रहा है. बिहार में प्रदेश कमेटी जो पिछले कई वर्षों से नहीं है, वह बहुत जल्द प्रदेश कमेटी का गठन हो जाएगा.जो जिला अध्यक्ष सक्रिय हैं, जिनका परफॉर्मेंस अच्छा है उसकी समीक्षा हो रही है. बूथ की कमेटी बनी है या नहीं बनी है, इसके लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी जिला स्तर तक की मॉनीटरिंग कर रहे हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करके जिला स्तर तक की कमेटी में जिनकी भागीदारी है और जिनकी कम है उसकी समीक्षा की जा रही है. पार्टी में ईबीसी और ओबीसी की जो भागीदारी है वह सुनिश्चित होनी चाहिए.

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