नन्द दुलाल भट्टाचार्य, हक़ीकत न्यूज़, कोलकाता : लोकतंत्र में, आम मतदाताओं की धारणा (perception) चुनाव परिणाम में निर्णायक कारक होते हैं। इस धारणा ( perception) को मद्दे नज़र रखते हुये चुनावी प्रक्रिया में हर राजनितिक दल और उम्मीदवार मतदाताओं की भावनाओं, विचारों और रुझान समझने में अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं क्योंकि आखिर में इन रुझानों की प्रक्रिया ही राजनितिक दल और उम्मीदवार की हार-जीत का फैसला करते हैं। तकनीकी प्रगति के इस युग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक अभियानों की पूरी अवधारणा में भारी बदलाव आया है इन तकनीकी प्रगति के कार्यान्वयन ने अभियान परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है। भविष्य में शायद राजनीतिक चुनाव अभियानों में मशीन लर्निंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial intelligence) का समावेश बड़े पैमाने पर चुनाव परिणामों को आकार देने वाला है। चुनाव में मतदाताओं से संवादात्मक जुड़ाव, उनकी सोच पर असर और अपने राजनितिक मतादर्श,राजनीतिक उपलब्धियों के प्रति मतदाताओं को आकर्षित करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का एक बड़ा योगदान होने वाला है। इसके अलावा स्वचालित रूप से अधिक मतदाता लक्ष्यीकरण (voter targeting), मतदाता जानकारी ( voter information) जैसे पहलुओं पर भी बहुत अधिक पहुँच बनाने में सक्षम होगा। हर सिक्के के दो पहलू होते हैं इसी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) और मशीन लर्निंग का सकारात्मक उपयोग के साथ-साथ नकारात्मक उपयोग होने की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता है।
भविष्य में चुनाव अभियानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) और मशीन लर्निंग का उपयोग होने की संभावना ?
चुनावों में, सोशल मीडिया बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह लक्षित मतदाताओं तक बहुत तेज गति से पहुंचने में मदद करता है और यहीं पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( Artificial intelligence) और मशीन लर्निंग एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक( catalyst ) की भूमिका निभाने वाले हैं। कंप्यूटर इंजीनियरों और तकनीकी-राजनीतिक वैज्ञानिकों के अनुसार शक्तिशाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरण ( AI ) के द्वारा लक्षित अभियान विषय ( Text) , तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो के माध्यम से मतदाताओं तक बहुत गति से पहुंचा जा सकता है। परिष्कृत जेनरेटिव एआई उपकरण (Sophisticated generative AI tools) अब न्यूनतम लागत पर, सेकंडों में मानव आवाजें और अति-यथार्थवादी छवियां, वीडियो और ऑडियो बना सकते हैं और जब यह शक्तिशाली सोशल मीडिया अलग्रोथीम ( powerful social media algorithms) से जोड़ दिया जाता है तो यह डिजिटल रूप से बनाई गई सामग्री की पहुँच बहुत दूर तक फैल सकती है और अत्यधिक विशिष्ट मतदाताओं को लक्षित कर सकती है। जेनरेटिव एआई (generative AI) न केवल तेजी से लक्षित अभियान टेक्स्ट या वीडियो का उत्पादन कर सकता है और बहुत ही तेज़ी से इसका उपयोग मतदाताओं की सोच को प्रभावित करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर चुनाव को भी प्रभावित कर सकता है। इस तकनीकी प्रगति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से आने वाले कल में न केवल चुनाव अभियानों में मानवीय लागत में कमी आएगी, बल्कि उम्मीदवारों को कम समय में बड़ी संख्या में लक्षित मतदाताओं तक पहुंचने में भी भारी मदद मिलेगी। लेकिन इस तकनीकी लाभ के कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं।
चुनावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का नकारात्मक प्रभाव
गलत सूचना का प्रसार: एआई ( AI) तीव्र गति से गलत सूचना के प्रसार को स्वचालित कर सकता है, विशिष्ट दर्शकों को लक्षित कर सकता है और संभावित रूप से जनता की राय को बहुत हद तक प्रभावित कर सकता है?
सोशल मीडिया का हेरफेर: एआई एलग्रोथीम (AI algorithms) कुछ सामग्री को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की छमता रखते हैं, सोशल मीडिया रुझानों में हेरफेर कर सकते हैं और उपयोगकर्ताओं द्वारा देखी जाने वाली जानकारी को प्रभावित कर सकते हैं जिससे वास्तविकता से परे एक दूसरी धारणा पैदा हो सकती है।
भरोसे को कम करना: विश्वसनीय नकली सामग्री बनाने की एआई ( AI ) की क्षमता मीडिया संस्थानों के प्रति विश्वास को कम कर सकती है, क्योंकि वास्तविक और नकली जानकारी के बीच अंतर करना कठिन हो सकता है।
निष्कर्ष: प्रत्येक तकनीकी प्रगति के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू होते हैं; यह इस पर निर्भर करता है कि कोई इसका उपयोग कैसे करता है। परमाणु ऊर्जा को विनाश और स्वच्छ ऊर्जा दोनों के संदर्भ में वर्णित किया जा सकता है हालाँकि, यह नीति निर्माताओं और समग्र समाज की मानसिकता पर निर्भर है की तकनीकी प्रगति का उपयोग सकारात्मक या नकारात्मक रूप में किया जाये। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) और मशीन लर्निंग वर्तमान समय का बहुत ही सशक्त और मानव उपयोगी आविष्कार है। मानवीय समझ और जानकारी को आत्मसात( assimilation) करने की क्षमता सीमित होती है इसलिए अधिकतर समय हमें केवल आंशिक तस्वीर ही मिलती है। तकनिकी जानकारों के अनुसार भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI )किसी भी इंसान की तुलना में अधिक और गहरी समझ के साथ कहीं अधिक तेजी से जानने में सक्षम रहेगा और अलग्रोथीम ( algorithm) तब उन लक्ष्यों को प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका ढूंढने में सक्षम होंगे। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) और मशीन लर्निंग जीवन जीविका के हर पहलुओं शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य परिसेवाओं, निति निर्धारण प्रक्रिया, स्पेस टेक्नोलॉजी,आधारभूत संरचना का विकास, रोगों की सूक्ष्मता से पहचान और चुनाव अभियान,जनहित योजनाओं तक अपना सक्षम प्रभाव डालने वाला है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI ) बड़ी मात्रा में डेटा पर पनपती है और विभिन्न स्रोतों से आने वाले डेटा सेट को सही तरह से संयोजित करने में सक्षम हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI )और मशीन लर्निंग का सकारात्मक विकास नागरिक परिसेवाओं में वस्तुनिष्ठ और समयबद्ध तरीके से उन्नति करने में बहुत हद तक सहायता करेंगी । आज के समय में, अनुचित प्रतिपुष्टि ( Feedback) तंत्र के कारण नीति निर्माताओं, कार्यान्वयनकर्ताओं और लाभार्थियों के बीच अंतरफलक ( Interface) का आधार बहुत ही कच्चा बना हुआ है। लोकतंत्र में, नागरिक हर कुछ वर्षों में एक बार मतदान के माध्यम से अपनी प्राथमिकताएँ व्यक्त कर सकते हैं अन्यथा, सार्वजनिक सेवाओं की प्रकृति को प्रभावित करने की उनकी क्षमता काफी सीमित है। भविष्य में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से उपलब्ध डेटा के द्वारा सरकारें प्रत्येक नागरिक और उनकी प्राथमिकताओं को समझने और कारगर कदम उठाने में बहुत ज्यादा सक्षम होंगें जिससे लोकतांत्रिक मॉडल और ज्यादा कारगर तरीके से काम कर सकते हैं।
बिधिवत सतर्कीकरण एवं डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस समाचार में दिया गया वक़्तवय और टिप्पणी एक निरपेक्ष न्यूज़ पोर्टल की हैसियत से उपलब्ध तथ्यों और समीक्षा के आधार पर दिए गये हैं। इन समीक्षा में दिये गए तथ्य पूर्णत प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर दिए गये हैं। हमारा उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI) या मशीन लर्निंग को नकारना नहीं है और ना ही तकनीकी प्रगति की खामियों को उजागर करना। हमने एक जिम्मेदार न्यूज़ पोर्टल की हैसियत से उपलब्ध प्रलेखित साक्ष्य के आधार पर सिक्के के दोनों पहलू दिखाने की कोशिश की है। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए न्यूज़ पोर्टल (हकीक़त न्यूज़ www.haqiquatnews.com) उत्तरदायी नहीं है। (हकीक़त न्यूज़ www.haqiquatnews.com) अपने सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति पूरी तरह से जागरूक न्यूज़ पोर्टल है।













Add Comment